PDO क्या है पूरी जानकारी – पीडीओ फुल फॉर्म?

वैसे तो हम किसी भी टर्म का शॉर्टकट बना सकते हैं लेकिन कुछ टर्म को शॉर्टकट बनाने लिए बहुत सी बातों पर ध्यान दिया जाता है। आज आपको PDO क्या है इसकी जानकारी हिंदी में देने जा रहे हैं। PDO का full form देखें तो बहुत से terms ध्यान में आते हैं जैसे Public Debt Office, Panchayat Development Officer, Purchase Delivery Order इत्यादि। लेकिन इंटरनेट के क्षेत्र में PDO का क्या मतलब होता है और इसका full form क्या है इसे हिंदी जानेंगे।

इंटरनेट जगत में जैसे-जैसे तरक्की हो रही है वैसे वैसे हमें नई-नई टेक्नोलॉजी देखने को मिल रहा है। इसी के साथ इंटरनेट चलाने का अनुभव भी बेहतर होता जा रहा है। कुछ समय पहले तक तो हम 3G का आनंद लिया करते थे, लेकिन अब 4G के बाद सीधा 5G नेटवर्क की बात होने लगी है।

अच्छी बात ये है की डेटा प्लान इतना सस्ता हो गया है की दिन भर इस्तेमाल करने के बाद भी ख़तम नहीं होता और हम उसे WiFi मोबाइल हॉटस्पॉट की सहायता से सांझा भी करते हैं।

आपको बता दें कि PDO भी ऐसा ही कुछ है, हालांकि आप इससे एक अच्छा passive income भी कर सकते हैं सिर्फ इन्टरनेट डेटा को शेयर करके। तो चलिए जानते हैं PDO की पूरी जानकारी हिंदी के सरल शब्दों में।

सबसे पहले PDO का फुल फॉर्म English और हिंदी में जानते है।

PDO Full Form In Hindi

यहाँ जिस PDO की हम बात कर रहे हैं वो इन्टरनेट की क्षेत्र से संबंध रखता है, इस प्रकार से PDO का full form English में Public Data Office होता है और हिंदी में इसका फुल फॉर्म सार्वजनिक डेटा कार्यालय (पब्लिक डेटा ऑफिस) होता है। अब तो आप जान गए होंगे PDO का full form. पब्लिक डेटा ऑफिस क्या है, इससे क्या आशय है इसे नीचे एक-एक करके पढ़ें।

PDO क्या है हिंदी में

अगर आप ऑनलाइन ज्यादा रहते हैं अर्थात इंटरनेट का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं तो आप ऐसे करते हुए passive income भी कर सकते हैं। सरल शब्दों में बताएं तो पीडीओ अर्थात पब्लिक डेटा ऑफिस एक प्रकार का इंटरनेट शेयरिंग बिज़नस है।

दूसरे शब्दों में एक ऐसा स्थान अथवा ऑफिस जो आम नागरिकों को सार्वजनिक रूप से ‘Wi-Fi Access Points‘ के माध्यम से एक निश्चित स्पीड पर इंटरनेट डेटा को उपलब्ध कराता है उसे PDO या Public Data Office कहते हैं।

PDO Kya hai In Hindi

इसे और आसानी से समझने लिए के लिए आप PCO (Public Call Office) को याद करिये। जैसे पहले के समय में कॉल करने लिए पीसीओ हुआ करता था उसे प्रकार से आज इंटरनेट बूथ का कांसेप्ट लाया गया है।

सरल शब्दों में जो ऑफिस, स्थान अथवा बूथ पब्लिक से छोटा सा मूल्य लेकर इंटरनेट को वायरलेस के माध्यम से शेयर करता है उसे PDO अर्थात public data office कहते हैं।

पब्लिक डेटा ऑफिस का उद्देश्य

पब्लिक डाटा ऑफिस की शुरुआत भारत में डिजिटिकरण को बढ़ाने के लिए भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया है इस लिए पब्लिक वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क को PM वाणी योजना के नाम से भी जाना जाता है।

Public Data Office को शुरू करने का उद्देश्य उन स्थानों तक हाई स्पीड इंटरनेट को broadband का इस्तेमाल करते हुए WiFi के माध्यम से पहुंचाने का है जहाँ आज भी 4G नेटवर्क की कमी है। इसे और आसान शब्दों नीचे पढ़िए।

PDO कैसे काम करता है?

Public Data Office (PDO) के काम करने का मुख्य बिंदू हैं, सबसे पहले आपको पीडीओ के लिए अप्लाई होगा और इसके लिए आपको किसी पीडीओ एग्रीगेटर (PDOA) से संपर्क करना होगा।

वर्तमान समय में भारत में कुल 83 PDOA ‘सेंट्रल रजिस्ट्री’ द्वारा रजिस्टर्ड हैं जिनसे आप संपर्क कर सकते हैं। PDO बिज़नस शुरू करने के लिए किसी भी प्रकार के रजिस्ट्रेशन की जरुरत नहीं होती।

PDOA से संपर्क करने बाद आपको एक्सेस पॉइंट खरीदना होता है, जिसका एक बार का शुल्क देना होता है। Wireless Access Point device (Wi-Fi access point device) आपके पहले से चल रहे broadband कनेक्शन के साथ जोड़ा जाता है।

अब उस डिवाइस को आपके दुकान अथवा मकान की छत पर लगा दिया जाता है। WiFi access points की रेंज में आने वाले मोबाइल फ़ोन या किसी भी device जो Wi-Fi से कनेक्ट हो सकते हैं, उसको कनेक्ट किया जाता है।

पब्लिक डाटा ऑफिस से कनेक्ट होने के बाद व्यक्ति कुछ देर तक मुफ्त में हाई स्पीड इंटरनेट का आनंद ले सकता है। इसके बाद उसे रिचार्ज करने का विकल्प दिया जाता है। जब व्यक्ति रिचार्ज करता है तो इस प्रकार से पीडीओ की कमाई होती है।

Public Data Office Aggregator (PDOA) की ओर से दिया जाने वाला वाई-फाई शेयरिंग डिवाइस में WAN पोर्ट और केबल रहता है। उस केबल को WAN पोर्ट में लगाया जाता है। फिर उस केबल के दूसरे छोर को PoE adapter के PoE वाले पोर्ट में लगा दिया जाता है। एडाप्टर में एक दूसरा पोर्ट भी होता है, LAN के नाम से। उस LAN वाले पोर्ट में आपको broadband connection के wire को attach कर देना है।

पब्लिक डेटा ऑफिस (PDO) की कनेक्टिविटी रेंज कितनी होती है?

PDO की कनेक्टिविटी रेंज 100 मीटर से लेकर 500 मीटर तक होती है। यह रेंज आपके WiFi Access Point डिवाइस पर निर्भर करता है। PDOA के साथ पार्टनर बनने बाद आप जैसा डिवाइस लेते हैं अर्थात जैसा प्लान लेते हैं वैसा रेंज व कनेक्टिविटी मिलती है। 100 मीटर की रेंज वाले एक्सेस पॉइंट में अधिकतम 100 users connect हो सकते हैं।

PDO कौन-कौन बन सकता है या ले सकता है?

कोई भी छोटे उद्यमी जो ग्रामीण स्तर पर व्यवसाय करते हैं जैसे रेस्टोरेंट वाले, फल या सब्जी की दुकान वाले, किराना वाले, ग्रोसरी शॉप वाले इत्यादि लोग इस PM WANI Wi-Fi योजना के लिए apply करके बिज़नस शुरू कर सकते हैं।

निष्कर्ष-

PDO एक पैसिव इनकम बिज़नेस मॉडल है जिसे कोई भी छोटा उद्यमी या बड़ा व्यापारी कर सकता है। यह PCO के बिज़नस मॉडल ध्यान में रख कर आरंभ किया गया है। Public Data Office (PDO) को PM WANI Wi-Fi योजना से भी जाना जाता है। PDO बनने के लिए एक्सेस पॉइंट के लेना पड़ता है जिसके लिए PDOA के साथ पार्टनर बनने की जरुरत होती है। आप इसके लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते है फिर आप ब्रॉडबैंड इंटरनेट को वायरलेस अर्थात वाई-फाई के माध्यम से बेच सकते हैं। आप अपने अनुसार ग्राहकों के लिए recharge plan और डेटा लिमिट तय कर सकते हैं।

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