ISI Mark की पूरी जानकारी आसान शब्दों में

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नमस्कार पाठकों, आप इस पोस्ट पर ISI mark का मतलब जानने आए हैं, तो आप बिल्कुल सही जगह पधारे हैं।

आपको बताएंगे कि, किसी भी Indian products के ऊपर जो ISI symbol बना होता है। हिंदी में उसका full form और अर्थ क्या होता है? अगर संपूर्ण जानकारी चाहिए तो इस लेख को पूरा जरूर पढ़ियेगा। इसके बाद आपकी सारी शंकाएं दूर हो जाएंगी।

कभी ना कभी आपने बिजली के सामान जैसे कि electric wire, बिजली motors, AC, fridge, electrical switches, fan, iron press, room व water heater (geysers) इत्यादि पर ISI mark का logo बना हुआ देखा होगा।

isi mark ki jankari in Hindi

आप motorcycle व Scooty तो जरूर चलाते होंगे। लेकिन इसी के साथ आपको सड़क परिवहन नियमों का पालन करना भी अनिवार्य है। इन्हीं नियमों में से एक है helmet लगा कर चलना जिस पर ISI mark का label बना हो। वैसे तो परिवहन नियमों के साथ साथ यह आपके जीवन की सुरक्षा भी करता है। एक्सीडेंट होने पर यह आपके सिर को सुरक्षित रखता है।

अगर खाने पीने से संबंधित products की बात करें तो mineral water के बॉटल पर, pressure cooker, Gas चूल्हे, Regulator भी ISI mark द्वारा certified होते हैं। साथ ही साथ में ठीक उसके नीचे CM/L और कुछ unique नंबर लिखा होता है।

Building materials जैसे कि cement, लोहे का सरिया इत्यादि में भी ISI mark होना काफी जरूरी है। क्योंकि इससे आपके घर की मजबूती सुनिश्चित होती है।

इसके अलावा सुरक्षा प्रदान करने वाले उत्पाद जैसे कि Helmet, ताले, CCTV camera, lockers इत्यादि पर भी ये label लगा होता है।

इसी mark को देखकर आप खुश हो जाते होंगे। कहते होंगे, अरे चलो ये तो ISI द्वारा प्रमाणित है, और यह pressure cooker बिल्कुल सुरक्षित है।

जी, आपका खुश होना बिल्कुल जायज है। इस आर्टिकल को पढ़कर आप पूरी तरह जान जाएंगे कि ये क्या होता है?

इस इस लेख में आप लोग कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं को जानेंगे जैसे कि-

क्या होता है ISI Mark?

सरल शब्दों में कहे तो, ISI mark किसी भी product के quality और safety को दर्शाता है। अगर ये sign किसी भी product पर बना हो, तो इसका मतलब यह होता है कि वे इस्तेमाल के लिहाज से बिल्कुल सुरक्षित है।

इसका सीधा अर्थ ये हुआ कि यह एक प्रकार का certificate है, जोकि BIS (Bureau of Indian standards) के अंतर्गत किसी भी कंपनियों के प्रोडक्ट को प्रमाणित करके उस पर ISI hallmark का मुहर लगा दिया जाता है।

ISI Mark full form & Meaning in Hindi

भारत में बहुत से ऐसे संस्था हैं, जोकि किसी भी कंपनियों के उत्पादों की बारीकी से जांच करके उन्हें परखते हैं, और उन्हें प्रमाणित करते हैं।

इन्हीं में से एक है ISI का मुहर, जिसका हिंदी में मतलब भारतीय मानक संस्थान होता है। English में इसका full form Indian Standard Institute होता है।

जांच में किन बातों का ध्यान दिया जाता हैं?

भारतीय मानक संस्थान अर्थात Indian Standard Institute का अपना एक मानक होता है। यह संस्था products के safety को सभी पैमानों पर test करती हैं। यह देखा जाता है कि, किसी प्रकार का जान को खतरा तो नहीं। इसी कड़ी में अगर बात करें वाहनों के टायर कि तो उसमे यह परखा जाता है कि, टायर कितना मजबूत है।

साथ ही साथ वाहनों के तेज गति से चलने पर उसके फटने का कितना chances है। ठीक इसी प्रकार से खाना पकाने के pressure cooker के फटने की परख की जाती हैं। Electronic products की बात करें तो उनमें यह देखा जाता हैं कि, कहीं करंट की लीकेज तो नहीं।

CM/L का मतलब और Full Form

निर्मित उत्पादों का 7 अंकों का license number होता है। जिसे CM/L के रूप में दर्शाया गया है। यह unique number उस इकाई को दर्शाता है, जिस विशिष्ट स्थान पर वह निर्मित हुआ है। यहाँ पर CML का फुल फॉर्म Certification of Manufacturing License होता है।

असली और नकली ISI mark की पहचान कैसे पता करें?

वैसे तो असली या नकली ISI Mark की पहचान करना बहुत ही आसान है। आप इसे अपने घर पर ही एक calculator के माध्यम से कर सकते हैं। जो 7 अंकों का unique number होता है। उसी के माध्यम से आप उत्पाद की जानकारी निकाल सकते हैं।

इसके लिए आपको Math का एक simple सा फार्मूला लगाना होगा। वह फार्मूला कुछ इस प्रकार से है-

चलिए पहले एक काम करते हैं, जो seven digits है उसको दो भागों में अलग करते हैं। उसके लिए पहले के 5 अंकों को एक जगह लिख लीजिए और अंत के 2 अंकों को एक अलग जगह रखिये।

अब आपको क्या करना होगा? जो पांच नंबर आपने रखा है उसके पहले स्थान वाले number को 5 से गुड़ा करिए,। दूसरे स्थान पर मौजूद संख्या को 4 से। तीसरे स्थान पर चलते हुए जो संख्या उपस्थित है उसको 3 से गुणा कर दीजिए। प्रारंभ से चौथे नंबर को 2 से और अंतिम के पांचवें संख्या को 1 से गुणा कर दीजिए।

गुणा करने के बाद आपको कुछ numbers प्राप्त होंगे, अब उन सभी numbers को एक साथ जोड़ दीजिए। इस प्रकार से आपको दो अंकों का विशेष नंबर प्राप्त होगा आपका काम अब हो गया।

प्रारंभ में जो 2 अंकों का नंबर आपने अलग किया था और जो जोड़ करने के बाद जो संख्या प्राप्त हुई है उन दोनों का मिलान करिए। अगर ये दोनों एक जैसे हैं, तो समझ लीजिए कि वह product बिल्कुल original है।

Example देखिए

CM/L – 1923760

19237 60

  • 1×5 =5
  • 9×4 = 36
  • 2×3 = 6
  • 3×2 = 6
  • 7×1 = 7

5+36+6+6+7 = 60

60 = 60 🙂

ग्राहक होने के नाते आपको हर वक्त सावधान रहने की जरूरत है। क्योंकि कुछ fraud क़िस्म के लोग, ग्राहकों से चीट करने की कोशिश भी करते रहते हैं। इनसे बचने के लिए आप दूसरे तरीके का इस्तेमाल कर सकते हैं।

Online information के माध्यम से Original का पता करें

Online information का method 100% Genuine है। और इसमें चूक होने की भी कोई संभावना नहीं।

भारत सरकार ने ग्राहकों की सुविधा के लिए एक official website ManakOnline के नाम से बना रखा है। इस लिंक पर जाकर आप किसी भी product का license number डालकर उसकी आईएसआई मार्क की पूरी details निकाल सकते हैं।

ऊपर दिए गए नीले रंग के लिंक पर क्लिक करके आपको BIS ManakOnline के portal, product certification page पर जाना होगा। वहां पर आपको 6 menu दिखाई देंगे। उनमें से पहले वाले यानी कि ‘list of licences’ वाले option पर क्लिक करना होगा।

अब नीचे एक बॉक्स बन कर आएगा, उसमें कुछ details मांगा जाएगा। state name, district, और status वाले फील्ड में आपको all सेलेक्ट रखना हैं। अब search IS नंबर वाले फील्ड में आपको प्रोडक्ट का IS number (नीचे photo में example देखिए) डालना है। और फिर अंत में कैप्चा को भर के generate report पर क्लिक कर दीजिये।

मानकonline

इस प्रकार से आपको कुछ कंपनियों के list प्राप्त होंगे। अगर लिस्ट लंबा है तो search box में product का license number जो कि ISI marking के नीचे CM/L के साथ प्रदर्शित होता है। उसको डाल कर देख सकते हैं। ब्रांड का नाम देखने के लिए show brand पर क्लिक कर सकते हैं।

Example

IS 4246

License number = 1923760

Logo को देखर करें पहचान

BIS के अनुसार ISI mark के logo का माप 4:3 होना चाहिए। इसके साथ ही ऊपर में प्रोडक्ट नंबर IS से प्रदर्शित होता है। और मार्किंग के नीचे लाइसेंस नंबर CM/L के साथ लिखा होता है।

Online कैसे करें शिकायत?

Online शिकायत, BIS के कुछ मुख्य बिंदुओं के ऊपर ही दर्ज कराई जा सकती हैं। उनको पढ़ने के लिए consumer protection के इस page के लिंक को कॉपी करके किसी ब्राउज़र जैसे की क्रोम या इंटरनेट एक्स्प्लोरर में खोलिये।

Link = https://bis.gov.in/index.php/consumer-overview/consumer-overviews/consumer-protection/

दर्ज करने की प्रक्रिया

पहली प्रक्रिया के अंतर्गत आप Bureau of Indian standards को सीधा इस email पर mail भेज सकते हैं।

Email id = [email protected]

इसके अलावा, नीचे दिए गए website link पर जाकर new user के अंतर्गत account बना कर आवेदन फॉर्म भर सकते हैं।

लिंक = https://www.services.bis.gov.in:8071/php/BIS_2.0/

नए प्रोडक्ट के लिए online रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

ISI Mark या BIS का हॉलमार्क पाना बहुत ही गर्व की बात है। क्योंकि इससे ना केवल ग्राहकों का विश्वास बढ़ता हैं। बल्कि आपके उत्पादों की पहचान बनती हैं। Marking के लिए कुछ fees जमा करना होता है और इसके साथ ही कुछ नियम व शर्तों का पालन करते हुए आप online फॉर्म भरके भी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

इसके लिए इस लिंक का प्रयोग कर सकते हैं।

https://bis.gov.in/index.php/product-certification/product-certificatin-apply-online/

अगर आपको process समझने में कोई दिक्कत हो रही हो, तो आप नीचे दिए गए address पर संपर्क करिये। वहाँ आपके सारे संदेह को दूर किया जाएगा।

https://bis.gov.in/index.php/product-certification/product-certification-contact-us/

ज्यादा आसानी के लिए BIS के इस पेज पर जाकर आप उनके द्वारा दिए गए headquarter के address व फ़ोन नंबर के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं। लिंक निचे है.

Head Quarter —> https://bis.gov.in/index.php/directory/head-quarter

सुझाव

जब कभी भी आप बाजार जाएं तो ISI mark देख कर ही प्रोडक्ट खरीदें।

अगर आप जागरूक ग्राहक हैं, तो आपको इस जानकारी को जन जन तक पहुचाना चाहिए। इसके लिए आप नीचे शेयर बटन दबा सकते हैं। और अपना सुझाव नीचे कमेन्ट में जरूर दीजिये।

नोट: सभी जानकारी ऑनलाइन व ऑफलाइन रिसर्च पर आधारित है, अगर आप कहीं त्रुटियां मिलती हैं तो, इस स्थिति में आप बीआईएस के ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर उनसे संपर्क कर सकते हैं.

यह भी है काम का:-

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