एंड्रॉयड फ़ोन की बैटरी जल्दी ख़तम होने से कैसे बचाये?

जब एंड्राइड फ़ोन नया नया होता है तो उसकी बैटरी खूब चलती है, इस लिए हमें चिंता करने की जरुरत नहीं होती। लेकिन जब फ़ोन एक या दो साल पुराना हो जाता है तो Android मोबाइल की बैटरी जल्दी जल्दी discharge होने लगती है अर्थात battery बहुत fast drain हो जाती है। ऐसे इस्थिति में हमें बैकअप नहीं मिल पता है और स्मार्टफोन को जल्दी-जल्दी चार्ज करने की आवश्यकता पड़ती है।

इस लेख में हम आपको 9 ऐसे टिप्स बताएँगे जिसकी सहायता से आप अपने पुराने हो रहे एंड्रॉयड स्मार्टफोन की बैटरी काफी हद तक बचा सकते है। आप इन सभी स्टेप को अगर फॉलो करते है तो विश्वास करिये आपकी मोबाइल बहुत देर तक चलेगी।

बहुत से लोग अपने फ़ोन में battery saver app, RAM cleaner, memory cleaner का इस्तेमाल करते हैं अपनी फ़ोन की बैटरी और मेमोरी save करने के लिए, हो सकता है कि आप भी उनमे से एक हो। तो क्या ये बैटरी saver ऐप सच में एंड्रॉयड की बैटरी बचा पाते है? आज आपको इसकी भी जानकारी हिंदी में मिलेगा।

फ़ोन की बैटरी कैसे बचाये

बहुत से पॉपुलर बैटरी सेवर ऐप है जैसे की DU, Kaspersky AccuBattery saver इत्यादि ऐप प्ले स्टोर पर मौजूद है जिसका इस्तेमाल लाखों लोग अपने स्मार्टफोन में करते हैं। लेकिन उन्हें खुद पता नहीं होता कि उनकी मोबाइल की बैटरी बच रही है या और ख़त्म हो रही है। इन सभी सवालों के जबाब आपको हम क्लियर कट हिंदी में बताने जा रहे हैं।

फ़ोन की बैटरी जल्दी ख़तम होने से कैसे बचाये?

स्मार्टफोन की बैटरी बचाने के कई सारे तरीके है जैसे कि रीसेंट ऐप को बार-बार close ना करना, लोकेशन को ऑफ रखना, चार्जिंग में फ़ोन ना यूज़ करना, अपने फ़ोन में उन्ही ऐप को इंस्टॉल करें जिनकी बहुत जरुरत हो, फ़ोन की ब्राइटनेस को कम रखे, फ़ोन को silent और ‘Battery Saving’ mode में रखिये, ऑफलाइन वर्क करने वाले ऐप इंस्टॉल करें। इसके अतिरिक्त निम्नलिखित टिप्स को अपना कर आप अपने स्मार्टफोन की बैटरी बचा सकते है।

किसी भी बैटरी Saver App का इस्तेमाल ना करें

Battery saver apps आपके फ़ोन की बैटरी बचाने की बजाये उल्टा बैटरी खाते है। ये ऐप लगातार आपके फ़ोन में रन होते है और बैकग्राउंड में रन हो रहे दूसरे ऐप को क्लोज करते रहते है जिससे फ़ोन की बैटरी और जल्दी-जल्दी drain होती है। इस तरह के ऐप फ़ोन के RAM और प्रोसेसर का अधिक इस्तेमाल करते है जिससे फ़ोन गर्म भी होता है।

रीसेंट ऐप्स को बार-बार बंद ना करें

जब आप किसी ऐप को पहली बार ओपन करते है तो रीसेंट ऐप वाले टैब में चला जाता है। पहली बार ऐप open करने से फ़ोन का अधिक प्रोसेसिंग पावर यूज़ होता है। इसके बाद वो रीसेंट टैब में ओपन रहता है और दुबारा ओपन करने पर फिर से उतना प्रोसेसिंग पावर का इस्तेमाल नहीं करता जितना पहली बार में किया होता है।

जब आप recent button (task बटन) को दबा कर सारे ऐप को बंद कर देते हैं तो ऐप बैकग्राउंड से पूरी तरह से close हो जाता है और दुबारा से ओपन करने पर फिर से अधिक प्रोसेसिंग पावर लगता है, इस प्रकार फ़ोन की बैटरी की अधिक खपत होती है और backup नहीं मिलता। इस लिए बार-बार ऐप को क्लोज (क्लियर) नहीं करना चाहिए।

मोबाइल की Brightness कम रखें

फ़ोन की बैटरी का सबसे अधिक खपत उसकी स्क्रीन करता है। जब आप मोबाइल की brightness को full या अधिक रखते है तो LCD display को अधिक पावर की जरुरत पड़ती है और वो पावर फ़ोन की बैटरी से ही मिलता है इस लिए ब्राइटनेस को कम रखने से बैटरी की बचत होगी।

Battery Saving Mode का प्रयोग करें

बहुत से कंपनियों के जैसे कि सैमसंग, मोटोरोला, Xiaomi, Realme, Oneplus, Oppo, Vivo, Micromax के फ़ोन में battery saving मोड (power saving) दिया रहता है जिसे ऑन करके रखना चाहिए। बैटरी सेविंग मोड डिफ़ॉल्ट रूप से फ़ोन बनाने वाली कंपनी अपने स्मार्टफोन में देती है।

power saving in Samsung phone

ये inbuilt feature फ़ोन में मुताबिक आटोमेटिक सेट किया रहता है, इस लिए अगर आप इनबिल्ट बैटरी सेविंग या power सेविंग को इनेबल रखते है तो बहुत फायदा होता है और ज्यादा backup मिलता है।

फ़ोन को Silent रखें

जब मोबाइल को silent रखते हैं तो आने वाले कॉल या SMS का रिंगटोन या मैसेज टोन नहीं बजता है इस प्रकार से आपकी फ़ोन की बैटरी जल्दी drain नहीं होती। आपको बता दे कि जब आपका फ़ोन silent नहीं होता तो कॉल आने पर घंटी जोर-जोर से बजती है और मोबाइल का स्पीकर आवाज करता है जिससे बैटरी का ज्यादा इस्तेमाल होता है।

GPS (लोकेशन), WiFi, ब्लूटूथ को ऑफ रखें

जब फ़ोन का लोकेशन ऑन रहता है तो बहुत अधिक बैटरी की खपत होती है इसलिए GPS लोकेशन सर्विस का जब काम ना हो तो इसे ऑफ रखना चाहिए। इसी प्रकार से मोबाइल का ब्लूटूथ, Wifi ये सभी सेटिंग्स बैटरी को ज्यादा यूज़ करते है इस लिए इन्हें तब तक off रखिये जब तक जरुरत ना पड़े।

फ़ोन चार्जिंग में लगा कर प्रयोग ना करें

बहुत से लोग फ़ोन को चार्जिंग में लगा कर गेम खेलते हैं, बातें करते है और इंटरनेट भी चलाते हैं जो बैटरी के लाइफ को कम करता है और साथ ही बैटरी को जल्दी discharge होने का कारण भी बनता है। मोबाइल चाहे जो भी हो चार्जिंग में लगा कर प्रयोग करने से फ़ोन गर्म होता है जिससे उसकी battery जल्दी चार्ज नहीं होती और अगर हो भी जाए तो तुरंत drain हो जाती है।

अच्छी क्वालिटी का बैक कवर चुनें

हम फ़ोन खरीदते समय पैसो का मोह नहीं करते लेकिन जब बात बैक कवर की आती है तो वहां हम कंजूसी कर देते हैं। आपको बता दें की फ़ोन के गर्म होने का सबसे बड़ा कारण उसका ख़राब क्वालिटी का बैक कवर होता है। मोबाइल में बैटरी बैक साइड में ही लगी होती है और कवर लगा देने से फ़ोन को पीछे से हवा नहीं लगती और जो ऊष्मा (हीट) निकलती है वो बाहर निकल नहीं पाती और फ़ोन गर्म हो जाता है। गर्मी बैटरी का सबसे बड़ा दुश्मन है इस लिए अच्छी क्वालिटी का बैक कवर लेना चाहिए।

कम ऐप इंस्टॉल रखें

बहुत से ऐप online work करते हैं जिसके लिए इंटरनेट की जरुरत पड़ती है और जब वे ऐप्स रन करते है तो इंटरनेट एक्सेस करते समय ज्यादा प्रोसेसिंग पावर लेते है जिससे बैटरी की खपत बढ़ जाती है और जल्दी-जल्दी डिस्चार्ज होने लगती है, इस लिए कम ऐप कम प्रोसेसिंग पावर और कम बैटरी की खपत।

फ़ोन की बैटरी कितने दिन तक चलती है?

अगर फ़ोन बैटरी केंद्रित है तो कम से कम 2 साल और अधिकतम 3 साल तक ठीक चलती है, फिर उसकी लाइफ ख़त्म हो जाती है।

स्मार्टफोन के बैटरी की कुल साईकल कितनी होती है?

स्मार्टफोन के बैटरी की लगभग 400 साईकल (चक्र) होती है, इसके पूरा होने पर बैटरी 20% कम हो जाती है।

क्या फ़ोन को रात भर चार्जिंग में लगा कर नहीं रखना चाहिए?

आज कल के स्मार्टफोन में विशेष प्रकार की चिप लगी होती है, इसका एक अच्छा उदाहरण है Qualcomm चिपसेट जो मोबाइल के बैटरी के full charge (100%) होने पर पावर को ऑटोमैटिक कटऑफ कर देता है। परन्तु आपको खुद से फ़ोन को रात भर चार्ज में लगा कर नहीं छोड़ना चाहिए।

क्या दूसरे चार्जर से फ़ोन चार्ज नहीं करना चाहिए?

अगर स्मार्टफोन नया-नया है तो आपको दूसरे फ़ोन के चार्जर से फ़ोन चार्ज नहीं करना चाहिए। ऐसा इस लिए क्योंकि हो सकता है अन्य मोबाइल का चार्जिंग पोर्ट कुछ भिन्न हो और उसका चार्जर भी उसी के मुताबिक हो। जब आप उसका चार्जर यूज़ करेंगे तो चार्जिंग पोर्ट में मौजूद पिन डैमेज हो सकती है।

क्या लोकल चार्जर से फ़ोन चार्ज करना चाहिए?

लोकल चार्जर सेफ्टी को ध्यान में रख कर नहीं बनाये जाते इस लिए ये आपके मोबाइल के बैटरी के लिए safe नहीं है। जहाँ तक हो सके लोकल charger से चार्जिंग करने से बचें।

मोबाइल को कब चार्ज करना चाहिए?

मोबाइल की बैटरी 30% से 90% के बीच में रखना चाहिए और 100% होने से पहले निकाल लेना चाहिए। जब battery 50% से नीचे आ जाये तो मौका मिलने पर चार्ज करना चाहिए।

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प्रोफेशन से मैं ब्लॉगर हूँ। मुझे नई टेक्नोलॉजी, इंटरनेट, कम्यूटर पर रिसर्च करना और इस ब्लॉग के माध्यम से उन जानकारियों को आप लोगों तक शेयर करने में मुझे ख़ुशी मिलती है। इसके अलावा मैं बैनर, कवर आर्ट भी बनाना जानता हूँ।

2 COMMENTS

    • Upar me bataye gaye tips ko follow kariye, agar mobile jyada purana hai to battery change karwa len.

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