कीबोर्ड क्या है – कितने प्रकार के होते हैं?

इस लेख में हमने विस्तार से बताया है की keyboard क्या है, ये कितने प्रकार का होता है? और एंड्राइड के लिए बेस्ट कीबोर्ड कौन सा है? आज इस लेख में आप इन सभी बातो को जानेंगे वो भी हिंदी में। हम सभी ये तो जानते है कि जबसे कंप्यूटर और स्मार्टफोन आया है हम लोगों के जीवनशैली में बहुत बड़ा बदलाव आ गया है।

स्मार्टफोन और कंप्यूटर का प्रयोग हम अपने कार्य को पूरा करने, सोशल मीडिया चलाने, ऑनलाइन किसी कार्य को करने या कुछ सर्च करने के लिए करते हैं और ऐसे में हमें कीबोर्ड की जरुरत हर हाल में पड़ती है और बिना इसके हम टाइपिंग भी नहीं कर सकते।

हाँ बोल कर लिखने का भी विकल्प हमें बहुत सारे कीबोर्ड में मिल जाता है जिसका इस्तेमाल आप किसी भी भाषा में लिखने के लिए कर सकते है जैसे कि हिंदी, इंग्लिश, पंजाबी, गुजराती, बंगाली, फ्रेंच, चाईनीज, अफ्रीकन इत्यादि। परन्तु इसके लिए आपको कुछ सेटिंग करनी होती है फिर आप बोल लार भी लिख लेंगे।

कीबोर्ड क्या है

आज कल तो बहुत ही एडवांस और स्मार्ट keyboard भी आने लगे है जैसे की एर्गोनॉमिक कीबोर्ड जो विशेष तौर से कर्मचारियों के ऑफिस वर्क को ध्यान में रख कर डिज़ाइन किया जाता है जो उनके typing को बहुत हद तक आसान बना देते हैं। यह थोड़े महंगे जरूर होते है परन्तु खूबियों को देखे तो पैसा वसूल होते हैं।

इसके अतिरिक्त कुछ दूसरे keyboards भी आते हैं जिनका प्रयोग गेम खेलने, प्रोगरामिंग करने या बड़े-बड़े संस्थानों में किया जाता है। अगर आप सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का काम करने की सोच रहे है तो आपके लिए इस तरह के एडवांस कीबोर्ड बहुत ही उपयोगी साबित हो सकते हैं। तो चलिए जानते है A to Z तक…

कीबोर्ड क्या है?

जैसा की इसके नाम से प्रतीत होता है ये दो शब्दों key+board से मिल कर बना अर्थात ये एक प्रकार का बोर्ड है जिसमे नंबर, अक्षर, और कुछ विशेष तरह के चिह्न (सिंबल) बने होते है। कीबोर्ड एक इनपुट डिवाइस है जिसकी सहायता से हम कंप्यूटर या स्मार्टफोन में वाक्य को लिखने का कार्य करते हैं।

इसके अतिरिक्त keyboards हमें आभाषी अथवा भौतिक के रूप में देखने को मिलते हैं।

हिंदी में कीबोर्ड को क्या कहते है?

इसके संधि-विच्छेद से स्पष्ट होता है कि कीबोर्ड एक प्रकार का पट है जिसमे कई प्रकार की कुंजियाँ होती हैं इस तरह हिंदी में इसका अर्थ कुंजीपट अथवा कुंजीपटल होता है।

Keyboard कितने प्रकार के होते हैं?

मुख्यतः 8 तरह के कीबोर्ड्स होते है जिनके नाम इस प्रकार है…

  • यूएसबी कीबोर्ड
  • मल्टीमीडिया कीबोर्ड
  • गेमिंग कीबोर्ड
  • तार रहित (वायरलेस)
  • एर्गोनॉमिक कीबोर्ड
  • वर्चुअल कीबोर्ड
  • मैकेनिकल (यांत्रिक)
  • QWERTY (क्वर्टी)

USB Keyboard

सामान्यतः इस्तेमाल में लाये जाने वाला यह कीबोर्ड यूएसबी तार के साथ आता है जो हमारे कंप्यूटर के USB पोर्ट 2.0, 3.0, 3.1 अथवा 3.2 के साथ जोड़ा जाता है। आप चाहें तो OTG केबल की सहायता से इसे मोबाइल से भी जोड़ सकते हैं।

मल्टीमीडिया

यह विशेष तरह का कीबोर्ड है जिसे खास तौर से मल्टीमीडिया को ध्यान में रखकर बनाया जाता है। इस कीबोर्ड के सहयोग से आप किसी भी गाने, वीडियो अथवा गेम को डायरेक्ट कीबोर्ड से ही प्ले, पॉज, स्टॉप, नेक्स्ट ट्रैक, प्रीवियस (पिछला) ट्रैक, वॉल्यूम कम या ज्यादा इन सभी फंक्शन को नियंत्रित कर सकते हैं।

गेमिंग कीबोर्ड

इस तरह के कीबोर्ड्स विशेष तौर से gamer’s के लिए तैयार किये जाते हैं जिसमे कुछ अतिरिक्त keys दी जाती हैं जैसे G1, G2, G3, G4 और G5 इन्हें मल्टीमीडिया keys कहा जाता है। गेमिंग कीबोर्ड में रेड, ग्रीन व ब्लू (RGB) रंग की लाइट बटन के नीचे लगायी जाती है जो देखने में अच्छी है।

गेमिंग कीबोर्ड

गेमिंग वाले कीबोर्ड में एक बहुत ही खास तरह का बटन होता है जिसे ‘windows lock key‘ कहा जाता है। इस बटन को दबाते ही ‘Windows key‘ का फंक्शन डिसएबल हो जाता है अर्थात वो काम करना बंद कर देता है। गेम खेलने के दौरान विंडोज key के दबने से गेमिंग mode समाप्त हो जाता है इस लिए इसका लॉक होना जरुरी है।

Gaming keyboard में ऊपर के साइड में M1, M2 और M3 जैसी कुछ अतिरिक्त मैक्रो key लगायी जाती है जिसे आप अपने मुताबिक बदलाव करके उसके फंक्शन को G1, G2, G3 इत्यादि keys के साथ निर्धारित कर सकते है। मतलब आप इन key को जो फंक्शन देना चाहते है दे सकते है फिर उनको दबाने पर वही कार्य करेंगे जो आप तय किये होंगे।

Virtual (आभासी) Keyboards

इसे हम लोग डिजिटल अथवा सॉफ्टवेयर कीबोर्ड से भी जानते है। इसका नाम virtual इस लिए है क्योंकि इसको हम एक जगह से दूसरी जगह नहीं ले जा सकते। वर्चुअल कीबोर्ड्स हमें इंटरनेट पर या हमारे स्मार्टफोन के display पर देखने को मिलते है।

जब किसी सरकारी वेबसाइट जैसे कि ‘online SBI’ के पोर्टल पर नेट बैंकिंग के लिए लॉगिन करने जाते है तो उस समय वर्चुअल कीबोर्ड का अच्छा उदाहरण हमारे कंप्यूटर स्क्रीन पर ही देखने को मिलता है।

मोबाइल फ़ोन की बात करें तो उसमे जितने भी इनबिल्ट keyboards होते है वो वास्तव में वर्चुअल ही होते हैं। इसके अतिरिक्त कुछ एंटीवायरस सॉफ्टवेयर जैसे Kaspersky में भी वर्चुअल कीबोर्ड दिया रहता है।

Wireless Keyboard क्या होता है?

वायरलेस कीबोर्ड वह है जिसमे किसी भी तरह का यूएसबी तार नहीं होता बल्कि इस कीबोर्ड को PC से कनेक्ट कराने के लिए एक छोटा सा डोंगल दिया जाता है जो रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) की सहायता से रिसीवर का कार्य करता है। इसके अलावा Wireless keyboard को शक्ति देने के लिए बैटरी की भी आवश्यकता पड़ती है।

वायरलेस कीबोर्ड

आपके जानकारी के लिए बता दें की जो WiFi, ब्लूटूथ और इंफ्रारेड टेक्नोलॉजी होती है वो रेडियो फ्रीक्वेंसी पर ही कार्य करती है।

एर्गोनॉमिक कीबोर्ड्स

एर्गोनॉमिक कीबोर्ड

यह एक विशेष प्रकार का कीबोर्ड होता है जिसे खास तौर से हैवी ऑफिस के कार्य को ध्यान में रखकर V आकर में बनाया जाता है। जो व्यक्ति दो हाथों से टाइपिंग करते है वे लोग एर्गोनॉमिक कीबोर्ड का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि इसका डिज़ाइन ऐसा होता है जिससे हाथों में दर्द, थकावट और मांसपेशियों में तनाव नहीं आता।

मैकेनिकल कीबोर्ड

आपको बता दें कि मैकेनिकल कीबोर्ड साधारण से देखने में बिलकुल भी अलग नहीं होता बल्कि इस्तेमाल करने में बहुत आरामदायक होता है और आपके टाइपिंग को सरल बना देता है। ये कीबोर्ड गेम खेलने के लिए भी लोग खरीदते हैं।

साधारण और मैकेनिकल कीबोर्ड के बटन के अंदर जो keys होते है उनमे अंतर रहता है। साधरण वाले के अंदर सिलिकॉन का मेम्ब्रेन लगा होता है जिसमे कीबोर्ड बटन्स के सारे keys एक ही साथ फिट किये जाते है जो एक सर्किट बोर्ड से जुड़ा होता है। दूसरी ओर मैकेनिकल कीबोर्ड के सभी बटन्स के अलग-अलग key switches (स्विच) होते है और प्रत्येक key के साथ स्प्रिंग लगे रहते हैं जो टाइपिंग के दौरान आसानी से दबते हैं।

मैकेनिकल कीबोर्ड

मैकेनिकल वाले कीबोर्ड का कोई भी बटन हल्का सा भी दबता है तो उसके दबने का एहसास आपको हो जाता है और अक्षर भी लिख जाते हैं क्योंकि इसके ‘key स्विच’ उच्च गुणवत्ता वाले प्लास्टिक के बने होते है। कुल मिलाकर इस कीबोर्ड में टाइपिंग का अनुभव मक्खन जैसी स्मूथ होता है।

मैकेनिकल कीबोर्ड का सबसे पॉपुलर स्विच Cherry MX के नाम से आता है और जो इसका blue (नीले) रंग का स्विच होता है वो बहुत ही tactile (स्पर्शनीय) होता है। Cherry MX का नीला स्विच हल्का सा टच करते ही दब जाता है और उसके दबने का एहसास तुरंत होता है अर्थात बटन के दबने का फीडबैक तुरंत हमें मिलता है। परन्तु ये बहुत ही क्लीकी आवाज़ करता है मतलब बहुत तेज़ खटखट की आवाज निकलता है।

ब्लू, रेड और ग्रीन वाले स्विच टाइपिंग के दौरान ज्यादा क्लीकी साउंड करते हैं जबकि ऑरेंज और पीले कलर वाले कम आवाज करते है।

QWERTY (क्वर्टी) कीबोर्ड क्या होता है?

क्वर्टी कीबॉर्ड

ये भी एक साधारण कीबोर्ड है परन्तु QWERTY कीबोर्ड को रोमन लिपि वर्णमाला के अनुसार डिज़ाइन किया गया है जिसमे ऊपर की पंक्ति में 6 key ‘Q,W,E,R,T,Y‘ के क्रम में होती हैं।

Keyboard का Full Form

वास्तव में keyboard का कोई full form नहीं होता परन्तु कुछ लोगों ने अपनी कल्पना के आधार पर इसका भी फुल फॉर्म बना रखा है।

एंड्रॉयड के लिए बेस्ट कीबोर्ड कौन सा है?

वैसे तो बहुत सारे एंड्रॉइड के लिए कीबोर्ड ऐप प्ले स्टोर उपलब्ध हैं लेकिन निम्नलिखित वाले 3 ऐप टॉप बेस्ट में आते हैं स्मार्टफोन के लिए। इनका यूज़ करके आप स्वाइप और वॉइस टाइपिंग भी कर सकते हैं।

  1. गूगल इंडिक कीबोर्ड
  2. Gboard
  3. माइक्रोसॉफ्ट स्विफ्टकी कीबोर्ड

निष्कर्ष:

उपरोक्त के लेख से यह निष्कर्ष निकलता है कि कीबोर्ड्स मूल रूप से सिर्फ दो तरह के ही होते हैं पहला वर्चुअल अर्थात आभाषी और दूसरा भौतिक। वायरलेस, मैकेनिकल, एर्गोनॉमिक, गेमिंग और यूएसबी भौतिक कीबोर्ड के अंतर्गत आते हैं

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प्रोफेशन से मैं ब्लॉगर हूँ। मुझे नई टेक्नोलॉजी, इंटरनेट, कम्यूटर पर रिसर्च करना और इस ब्लॉग के माध्यम से उन जानकारियों को आप लोगों तक शेयर करने में मुझे ख़ुशी मिलती है। इसके अलावा मैं बैनर, कवर आर्ट भी बनाना जानता हूँ।

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